Come, let's do something for Bhojpuri...
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में आए दिन बढ रहल अपराधन के ठिकरा केन्द्रीय गृहमंत्री पी. चिदम्बरम एहिजा रह रहल प्रवासियन के सिर पर फोडले बाडन। चिदम्बरम दिल्ली में बढ रहल अपराधन के लेके कहलन कि कि दिल्ली के बाहर से आये वाला लोग एहिजा अपराध में ज्यादा लिप्त बाटे, अउर ओह लोगन से दिल्ली के खतरा बा।
चिदंबरम कहलन "हम हर अपराध के आलोचना कर तानी। बाहर से आये वाल लोग जवना तरह के व्यवहार करेला, ऊ हमनी के मंजूर नइखे, अउर ओकरा के बर्दास्त ना कइल जाई।"
चिंदम्बरम के एह बयान के बाद दिल्ली में एक तरह के राजनीतिक भूचाल आ गइल बाटे। विपक्षी दलन के कहनाम बा कि आपन नाकामयाबी के ठिकरा गृहमंत्री प्रवासी लोगन पर जन फोडस। विपक्षी त छोडीं, एह बयान के बाद सत्ताधारी कांग्रेस भी उनका खिलाफ हो गइल बिया। कांग्रेस सांसद संजय सिंह के कहनाम बा कि गृहमंत्री आपन कमी के छुपाये खातिर प्रवासियन के सहारा बनाये के कोशिश कर तारे, जवन कि उचित नइखे। कांगेस के सांसद अउर दिल्ली के मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के लइका संदीप दीक्षित भी एह बात के विरोध में कहलन कि चिदम्बरम के सच्चाई के पता नइखे।
दोसरा ओर बिहार में एह बयान पर राजनीति गरमा गइल बिया। राजद नेता अउर पूर्व मुख्यमंत्री लालु प्रसाद एह बयान पर उखड गइल "अगर गृहमंत्री जी स्थिति के नइखन संभाल पावत, त ओकरा खातिर दोसरा लोगन के दोष जन देस। एगो जिम्मेदार पद पर बइठल व्यक्ति के एह तरह के बयान ना देवे के चाहीं।"
मुख्य विपक्षी दल भाजपा एह मामला में चिदम्बरम के आडे हाथ लेते कहलस कि गृहमंत्री राज ठाकरे नियन देश के बाँटे वाली भाषा बोल रहल बाडन। एह देश पर सबकर बराबर के हक बा, अउर एह देश के संविधान हर केहु के अपना मर्जी से देश के कवनो कोना में रहे, आ गुजर-बसर करे के अधिकार देवेला।
साभार: भोजपुरिया डॉट कॉम
Permalink Reply by नवीन भोजपुरिया ( NB ) on December 13, 2010 at 8:54pm सुधीर भाई प्रणाम आ जय भोजपुरी
ई एगो नया ट्रेंड देखत बानी , कि जेकरा कुछ औरी नईखे बुझात उ चट पट दे कही देत बा की बहरी से आवे वाला लोग के वजह से ।
आ एकर एक ही कारण बा की हमनी के नेता लोग एह के बरियार बिरोध नईखे लो करत ।
जहा तक बात चिदम्बरम के त हम इहे कहब की इनिकर मानसिक हालत खराब हो गईल बा आ इनिका बेमारी धई ले ले बा । कांके भा आगरा के दर्शन करावे के पडी तबे इनिका मे सुधार होई ।
एह स्टेटमेंट के जेतना बुराई कईल जाउ उ कम कहाई ।
आ हम निहोरा करब इनिका से की सबसे पहिले ई आपन ताम झाम डी एम के आ ए आई डी एम के के ताम झाम ले के दिल्ली के आजाद करस फेरु बाकी के बारे मे सोचस ।
जय हिन्द जय भोजपुरी
Permalink Reply by भास्कर रंजन "सूर्य" on December 13, 2010 at 9:02pm सुधीर भाई परनाम आ जय भोजपुरी ।
तब त मंत्री जी के सबसे पहिले दिल्ली छोड्के अपना राज्य में चल जाएके चाही । उहो त बाहरी ही बाडन । "दोस पराए देखी के, चले हसत-हसत। अपने याद ना आवे जिसका आदि न अंत ॥ "
जय भोजपुरी ।
Permalink Reply by neeraj kumar singh on December 14, 2010 at 8:43am
Permalink Reply by Rajeev Mishra "राजीव भोजपुरिया" on December 14, 2010 at 12:47pm pranam sudhir bhai jee
humra ta bujhata ki e apna ghotala se sab ke dhyan ene one karat baade , e algawwaad failawat baade eh mudda ke aandhi main aapn jhut chhupawal chahat baade e algaw waad ke neeti ha ka e rashtradroh na ha ?
सुधीर भाई प्रणाम,
अभी काल्हुवे के बात ह आस पास में कंही कवनो घटना हो गईल रहे आ हम आ हमार बाबूजी गाडी में बैठ के एहिजा दिल्ली में बतियावत रहनी सन की केंग अपराध बढ़ गईल बा...तलेले डराईवर कहत बा की असल में बाहर के लोग आके दिल्ली में इतना अपराध बढ़ा देहले बाडन....जब ओकरा के समुझावानी टी उहो मनालस की अपराध में ज्यादातर हिस्सेदारी स्थानीय लोग के ही होला......खैर इ त रहल ओकर बात..लेकिन जैसन्न इ एगो मुहीम चलल बा स्थानीय बनाम प्रवासी...अब उ चाहे राज होखस भा शीला दीक्षित भा शिवराज सिंह चौहान भा अब चिदंबरम.....एह नेता लोग के इ नईखे बुझात की छुद्र राजनीति खातिर..आ तत्काल जिम्मेवारी से आपण मुंह मोड़े खातिर, इ जवान तरह के बयान बाजी चल रहल बा..आ उहो देश के गृहमंत्री द्वारा..इ हिन्दुस्तान के संघीय ढांचा पर कुठाराघात बा..आ एह बयान के जेतना निंदा कईल जाओ कम बा...
जय भोजपुरी
Permalink Reply by नवीन भोजपुरिया ( NB ) on December 15, 2010 at 12:03pm आशुतोष भाई प्रणाम आ जय भोजपुरी
देखी पिछला चार-पांच दिन मे हई हई लोग दिल्ली गईल बा
1- सतेन्दर भाई
2- आशुतोष भाई ( रउवा )
3- शरत बाबु
4- शिवानन्द जी
5- राजीव भाई
कही रउवा सभ चिदम्बरम के हडका त ना नु देहनी हा ?
माने एगो शंका बा ;-)
जय भोजपुरी जिया भोजपुरी
हा हा हा....
नविन भाई प्रणाम,
भोजपुरिया बहुते सीधा होलन...लेकिन जरूरत पडला पर निमं निमं लो के छक्का छोडा देहलन....शेर के घरे में शेर के ललकारे के माद्दा रखेलन..त एह लोग के का कहल जाऊ..फिलहाल यदि हडाकावे के जरूरत पड़ी त दिल्ली में भोजपुरियन के कमी नईखे आ सभे अपने आप में काफी बा....आ हमार मोंटू भाई त परमामेंट मोर्चा सम्हरले बानी...हा...हा..हा...
जय भोजपुरी
Permalink Reply by नवीन भोजपुरिया ( NB ) on December 15, 2010 at 12:15pm हा हा हा हा इहो सही कहनी ।
मोंटु भाई ही अब एह रह्स्य पे से परदा उठा सकेलन ;-)
Permalink Reply by Brij Kishor Tiwari on December 15, 2010 at 12:28pm शरत बाबू अकेलही काफी बाडन जी ............
आरा के जलवा ........त यादे होई
Permalink Reply by Rajeev Mishra "राजीव भोजपुरिया" on December 15, 2010 at 12:27pm नविन भाई , आशुतोष भाई
एह में लेश मात्र भी शंका नइखे कि एहिजा जौनो अपराध होता एह में स्थानीय लोग आ फेरु १०० कि .मी के वृता कार एरिया के लोग बाडन अगर पुलिस से एह बात के रिपोर्ट मगल जाऊ ( चैन सनेचिंग , बैंक डकैती , औरु बलात्कार ) अभी एगो प्रवासी भारतीय लईकि के संगे धोला कुआ वाली घटना प्रत्यक्छ उद्हारण बा त ९९% स्थानीय लोग शम्लित बा ! औरु प्रवासी भारतीय के बारे में काहें अइसन बोलत जात बा , ए बस एगो राजनितिक षड़यंत्र ह औरु कुछु ना !
जय भोजपुरी ।
Permalink Reply by SANJAY on December 15, 2010 at 1:28pm Sudhir g Pranam,
Sabse pahile ta ee kahab ki desh ke grih mantri ee line kaise kah sakelein k "delhi me apraadh baahar ke logan ke wajah se badh rahal ba"... ke bahar ke baa? desh k grih mantri aapan desh k log ke hi baahar ke bata rahal baarein.Itna gair jimmedaer statement desh ke grih mantri ko sobha naikhe det.
Dosh dosra pe thoke ke bajaye kaahe naa delhi ke sarkar kanoon vyavstha pe dhyan de rahal ba. ehe kram me aisan ghatna agar bihar me suru ho jaye tab ta turant me, pichhda bihar, jungle raaj,bihar ka kya hoga, bihar mukhya dhara se alag,bihar me kanoon naam ka koi cheez nahi" aur na jane kaisan kaisan baat sune ke milal raheet.
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