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प्रणाम आ जय भोजपुरी

उमेद करत बानी आ पुरा विश्वास बा की सब लोग नीमन से होई , आ एह नीमन के तनि औरि नीमन बनावे खातिर ई एगो खेला बा , मन के भरम कही भा कुछ चीजन के इयाद करे के बहाना , बस बा कि कुछ नीमन होत रहे के चाही ।

पढला के बाद दिमाग मे का आवत बा ?

माने की एह खेल मे एगो शब्द लिखल जाई आ वोह के पढला के बाद रउवा दिमाग मे वोह से जुडल कवन शब्द आवत बा वोह के लिखे के बा , वोह से जुडल कुछ औरि चीज जवन शब्द से बढ के लाईन होखे भा कवनो घटना होखे वोह के भी लिखल जा सकेला , आ लिखला के बाद रउवा एगो दोसर शब्द दिही फेरु अगिला वोह पे लिखी आ उ एगो दोसर दिही फेरु अगिला वोह पे लिखी आ एहि तरे चल जाये के बा ।

उदाहरण खातिर

गाय

त अगिला लिख सकेला

बाछा , दुध , गोबर ( माने तीनो मे से कवनो लिख सकेला )

आ फेरु एहि तरे अगिला - अगिला लिखत जाई बतावत जाई आ खेला चलत रही ।


हमार शब्द बा


गांव


जय भोजपुरी

Tags: कुद, खेल

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सित्लहरी में पुअरा के धिधोर|  

ऊहो पुअरा आपन ना चोरवुका

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