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भोजपुरी लोकगीत : कवना कवना चीजन खातिर गावल जाला

प्रणाम आ जय भोजपुरी

चली इयाद कईल जाउ की हमनी के भोजपुरी मे काथि काथि खातिर भोजपुरी गीत गावल जाला , जईसे चईता बा चईत महिना खातिर , फाग बा फागुन खातिर , बियाह मे कई गो रस्म खातिर गीत बा ,बिरह के गीत बा निर्गुण बा आ अईसन औरि कई गो चीजन खातिर भोजपुरी लोकगीत बावे ।

चली त फेरु रउवा लोग के अगर मन परत बा आ जवन भी जानकारी बा वोह के लिखल जाउ , आ अगर गीत मालुम होखे त वोह गीत के लिखल जाउ , भले दु लाईन ही लिखाउ ।

चुकि 8000 से बेसी के संख्या मे बहुत लोग अईसन बा जेकरा सब मालुम ना होई ( हमरा खुदे नईखे ) त चली एक दुसरा के भोजपुरी लोकगीतन के बारे मे जानकारी दिहल जाउ जवना से सब लोगन के खांटी भोजपुरी से परिचय होखे ।

हम एतना त जानत बानी की हमनी के लोकगीत लगभग हर चीजन खातिर बा आ बस हमनी के कोशिश वोही हर चीज के जाने के बा , त आई जानल जाउ कुछ अपना भोजपुरी लोकगीतन के आ बकिया लोगन के भी परिचय करावल जाउ ।

आई भोजपुरी खातिर कुछ कईल जाउ !

जय भोजपुरी

सादर धन्यवाद !


नोट - एजुगा रस्म पे बहस नईखे करे के आ वोह खातिर शशि भाई जिन्दाबाद बानी ! बाकि जानकारी खातिर ई विषय के शुरु कईनी हा !

Tags: जय, भोजपुरी, लोकगीत

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विकास भाई .... आशिर्वाद बा भाई सब सुख रउवा मिले

भोजपुरिया लिखाईल रहे चाही नाही जब जिनगी भोजपुरी के नावे लिखा गईल बा त नाव मे का बा जी ,,,,,

बाकी रउवा बहुत नीमन आ मशहुर गीत पोस्ट कईनी

आपन खोरिया बहार ए ........ बाबा

ई गीत त द्वार पुजा के समय लगभग हर घरे गावल जाला आ आंखि से लोर चुवल एजुगे से शुरु हो जाला आ लोर चुवेला एगो बाप , एगो भाई आ चाचा , भईया अजिया पितिया सबके आंखि से लईकी वाला के ओर से रहेला ...

बहुत बहुत धन्यवाद भाई
bahut sahi kahni navin bhaiya
ehi par ham du line kahal chahatani
jake rahe lagi chahe kahi pardeshwa
jinagi hamaar bhojpuriye me baa
sukh nahi mili chahe ghoom li videshawa
jawan sukh gauwaa ke dhuriye me baa

navin bhaiya !!! charan sparsh !!

 

baba baba pukarile baba na bole la ho!! baba ke baljori sindoor bar dale la ho!!

baba ho dhan lobhi ta dhan dekh lobhai gaile ho, dhanawe ke lobhi lobhaile ta door desh biyahele ho!!

ई गुरहथी के बेर गीत गावल जाला , जब दुल्हा के बड भाई गुरहथी करे खातिर माडो मे आवेले तब गावल जाला ( ई गाना हम फिलिम से लेत बानी आ एकर कुछ कुछ लाईन मिलत बा ) द्वारा पुजा के बाद के ई रसम हवे ...

धीरे धीरे हो भसुर धीरे धीरे
हमरा मडवा मे अईहा भसुर धीरे धीरे
मडवा के आरि पारी चन्दा सितारा
देखा मडवा के भसुर गजबे नजारा
बचि के समईयहा भसुर धीरे धीरे
हमरा मडवा मे अईहा भसुर धीरे धीरे
गहना देखाअव् भसुर खोला ई ताला
अंगना मे गारी आजु सुनब हो साला
गहना देखईहा भसुर धीरे धीरे
हमरा मडवा मे अईहा भसुर धीरे धीरे
झुमका चढावा भसुर टीकवा चढावा
नथिया चढावा गलेहार चढावा
बिछुवा चढईहा भसुर धीरे धीरे
हमरा मडवा मे अईहा भसुर धीरे धीरे
paa lagi navin bhaiya........
e geet hardi ke samay gawal jala
DHAN DHAN ------- BABA DHAN RAUAA BANI JI
KAHIYA KE HARDI JATAN KAILE BANI JI

ladki kehe jab dulha ke parichhal jala(kohbar me jaat samay) ta e geet gawal jala........
chhoti muki sasu badi lamahar damad he
taniek jhukiha na babu parichhi lilar he
नविन जी प्रणाम,

बहुत बढ़िया मुद्दा के शुरुवात कईले बानी....आ बहुत कुछ सीखे के जाने के, भुलाईल बिसरल यादन के ताजा करे के मौक़ा मिलल.....

बहुत बहुत धन्यवाद,

जय भोजपुरी
एगो श्री आई. डी. त्रिवेदी जी, जे जमशेदपुर के रहेवाला बानी ,उनकर लिखल इ गीत पोस्ट कर रहल बानी ,
जवन की हम बार बार पढ़त रहेनी .........

................बेटी के बिदाई होला भईले गवनवा ..........................

भईल झुलफुलाह ठंवे झनके ला बिहानवा ,बेटी के बिदाई होला भईले गवनवा
रोवत रोवत आँख सूजी गईले सबके
डोलिया तैयार आज जाली बाची तड़के
सीतिया बनल लोर रोये असमनवा,बेटी के ............................................................
ठुंसी ठुंसी बक्सा में पाहुर भरयिले
रूपया अच्छत देई खोहिछा भरयिले
साड़ी गवनेहरी आ सोभे ला गहनवा ,बेटी .........................................................
सासू आ ससुर के चरण गंगा ज़ल हा
पति के चरण स्वर्ग अस निर्मल हा
कहली महतारी जनि भुलिहा कहानवा ,बेटी के .........................................................
जानि तू बिसरिहा कहत भौजाई से
छतिया फाटल भेंट करे बाप माई से
लोरवा धोवत पांव बरसे नयनवा ,बेटी के ........................................................
सखिया सहेलीया के छुटली दुलरुवी ,
बाप कहस चुप रहा हाली आई बबुई
दूल्हो के आँख गील हीय में उफानवा ,बेटी के ...................................................
धाई के आड़ मायी ओंने छटपटाली
सुन्न भईले हियरे के बाग़ ,रोये माली
कटवावन लागी अब घरवा अंगनवा ,बेटी के ........................................................
नन्हका भतीजवा सुतल बा ओसारी
रोवली चुमत गाल बैठ गोरतारी
काहे हमरा बिनु कैसे रहबे परनवा ,बेटी के ...............................................
भाई दे ले अन्च्वान गोर पोछ लेले
सुगवा के पिंजरा डोली में देई देले
लौड़ी धोबिन लेली नेग ,आउर दनवा ,बेटी के ,............................................................
होखला बिहान शोर करे ली चीरैनिया
उषा डोली चढली ओहारवा किरिनिया
लेइलेइ चलें बगरिया सामनवा ,बेटी के ...........................................................
डोलिया के पीछे पीछे भाई आरियाते
चले सुसुकत पहुना से बतियाते
बुचिया अबूझ बिया देहेबी धियानवा ,बेटी के .................................................
पियरी पहिरी साथ चलेली लोकानिया
छपछप भिझल बातेओकरो पपनिया
चाल करे कहरा सुनावे लागे गनवा ,बेटी के ...................................................
कुछ दूर जाई गावे घर अन्ह भयिले
छान भरी भईया ओहारावा हटायिले
कहेलेकी कि बाची ई हा गांवे के सिवानवा ,बेटी के .............................................
दुलहिन के मनवा के बात क़ा बतायीं
भरल बा मीठ तींत मिलन जुदाई
सोंचेली उठाई कैसे घूँघट सजनवा ,बेटी के ...............................................
कैसन घर होई कैसन लोगवा
कैसन होई चाँद पूरें संजोगवा
किसिम किसिम भाव भरी गईले मनवा ,बेटी के ...............................................
aankh loriya gaeel padh ke bahut sundar geet ba bhai .......
बृज भाई , बिदाई के गीत त लोरे गिरावे ला .... द्वारपुजा से जवन आंखि गील भईल रहे उ गंगा जमुना के धार बन जाले बिदाई तक आवत आवत ...बहुत ही खुबसुरत गीत बहुत ही खुबसुरत ...
:) maza aa gail ek se ek geet padh ke...lekin kouno ke lay pata rahit tab nu gaitin :(..kripya agar kehu ke lage e sab geet ke audio hokhe tah upload kara log bhai
एगो सुधार के जरुरत बा ,इ गीत आई डी त्रिवेदी जी के लिखल ना ह ,
माधव पाण्डेय जी के रचना ह ,
क्षमा चाहब ...........
wahh bahut badhiya jankri jii
Bahut bahut dhaynbad naveen bhaiya

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