Come, let's do something for Bhojpuri...
हमनी के बचपन से बहुत कुछ देखले बानी जा माने तरह तरह के चिरयीं आ पंछी पर हमनी के छेत्र में एगो साधारण प्रकार के चिरियां भी रही सन जवना के किलकारी आ चहक होत सबेरे आँगन में गूंजे लागत रहे, पर आज का कारण बा कि इ चिरयीं के संख्या बहुत ही कम होत जात बा हम सब सदस्य गण से निहोरा करत बानी कि एह चिरयीं के बचावे आ सरंक्षण के खातिर का कईल जा सकेला? का कईल जा सकेला इ छोटी सी नन्ही सी जान के बचावे खातिर आपन राय दिही जा...
अगर कुछ याद होखे बचपन के बात त याद करीं जा जब चबेनी मिळत रहे त इहे साथे रहत रहिन स और घर में जब बच्चा रोवत रहन त पहिले एतना खिलौना ना रहे माई बाबु इहे कह के लईका के देखावत रहन उ देख बाबू - चिरयीं आ वोकर फुदकन देख के केतना लईका के चेहरा पे हंसी बिखर जात रहे एह हंसी के फेर से बिखेरे खातिर कुछ कईल जाव... आयें एह नन्ही सी जान खातिर कुछ कईल जाव...
कुछ रोचक जानकारी-
इ चिरियां इंसान के बीच ही रहल पसंद करेली सन, वैसे त एकर बहुत सारा प्रजाति बा पर हमनी किहा जवना के पावल जाला वोकरा के घरेलु गौरैया कहल जाला आ एगो खास बात इ बा कि बिश्व के हर कोना में पावल जाला एह चिरियां के पर मुख्या रूप से इ हिंदुस्तान (एशिया) यूरोप, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड में पावल जालीं सन!
भारत के साथे बहुत देश एह चिरियां के बचावे के अभियान शुरू कईले बा आ पहली बार २० मार्च के बिश्व गौरैया दिवस मनवे के घोसना कईल गईल बा, दिल्ली में Nature for Ever Society के संयोजक मोहम्मद दिलावर एह अभियान में जुटल बारें, एह अभियान से जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और स्कूल के भी जोरल जात बा..
बचाव के उपाय
मकान में कुछ खुली जगह पर भुरकी चोरल जा सकेला, या त घर के बाहर या कही भी छोट छोट लकड़ी के बक्सा टांगल जा सकेला जहाँ इ रह सकेली जा वैसे घर में रोसनदान आ भुरकी से भी बहुत हद तक एक्नी के रहे के समस्या कम हो सकेला, छत के ऊपर भा आँगन में कौनो बर्तन में पानी रखी! हमनी के थोरा सा सहारा या सतर्कता एह प्रजाति के बचा सकेला...
अगर रवुआ सभे के पास कौनो सुझाव या घटना होखे एह चिरयां से जुरल त जरुर लिखीं जा
जय भोजपुरी


बचाईं जा इनकरा के...
एही तरह हाथों-हाथ लिही जा
jAI BHOJPURI
Permalink Reply by Azad bhojpuriya on March 31, 2011 at 1:42pm jai bhojpuriya
hum jab jab apan gaon jaat rahini ta humra angana mein charo aur garvaiyya chirayee dekhat rahani auri hamar baba - aaji kahat rahani jaa kee ee chirayee ghar ke lakshmi hokhe li sa humro mann bada prasann hokhat rahe charo aur ghar mein anaj rakhal rahat rahe auri khat rahali sa bada neek lage lekin samay ke prakop mein ee chirayee ke abadi ghatal ja rahal ba auri vilupt hoka tari sa asli karan ha pradoosan auri avashakata se adhik khad ke istemaal yehi wajah se chirayee ke jaati ke prasavan mein kami aa rahal ba auri abadi ghatat ba. Kayee sahar jaise Hyderabad, Chennai auri Pondicherry mein ta kabhi kabar dekhayee de li sa ta ghar ke yaad kar li hi la. Lekin hayee re insaan apan sukh suvidha khatir ka ka na paap karat ba re auri ek din yehi sukh suvidha tohke le doobi.
Jai Bhojpuri
apan boli apan pehchan
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