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सचिन तेंदुलकर 24 अप्रैल को 37 वर्ष के हो जाएँगे.


सोलह वर्ष की उम्र से क्रिकेट खेलते-खेलते अब सचिन ऐसे पड़ाव पर पहुँच गए हैं कि बिना विशेषण के उनका नाम लिखा ही नहीं जाता. महान बल्लेबाज़, मास्टर ब्लास्टर आदि-आदि.

अब माँग की जा रही है कि सचिन तेंदुलकर को भारत रत्न दिया जाना चाहिए.

मेजर ध्यानचंद और मिल्खा सिंह से लेकर पीटी उषा तक बहुत से खिलाड़ियों का अब कोई नामलेवा नहीं दिखाई देता.

तो क्या यह मान लेना चाहिए कि सचिन तेंदुलकर भारत के अब तक के सबसे महान खिलाड़ी हैं?

कुछ लोगों का तर्क है कि सचिन तेंदुलकर ने जिस उम्र से खेलना शुरु किया और उनको जितने मौक़े मिले, उतने अगर किसी को भी मिलते तो वह उतने ही रिकॉर्ड अपने नाम क़ायम कर लेता.

कुछ लोगों को आपत्ति है कि सचिन तेंदुलकर का व्यक्तित्व बहुत आत्मकेंद्रित है.

सचिन तेंदुलकर के क़द के पीछे क्रिकेट की अपार लोकप्रियता की भूमिका कितनी है? अगर क्रिकेट भारत में इतना लोकप्रिय नहीं होता तो भी क्या दुनिया उन्हें इतना ही महान खिलाड़ी मानती?

यह बाज़ार की माया तो नहीं है?

 

e forum ke BBC se lel gai baa

 

jai bhojpuri

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jai bhojpuri

Rauwar log ke vichar ke intajar baa,
baise hamara vichar se ye mi koo shak naikhe, ki sachin bharat ke NO-1 kheladi have aaj ke samya ke
baku abhi takla ke sabase neeman kheladi ta hamara taraf se let Dhyanchand jii have,
aage unkara bare mi jankari post karab

jai bhojpuri
jai bhojpuri

Mahan khedadi Sachin Tendulkar ke unkada 37va jandeen pad puda jai bhojpuri parivar ke or se badhai aa shubhkamna bate, u yeehi tarah se desh ke name chamkavat rahat


jai bhojpuri
Jai Bhojpuri,
Jee, e baat sach ba. Sachin Ramesh Tendulkar bahut hi mahan khelari bare..
Inka upar sandeh kayil bahut galat ba...

Janam din ke dher sari badhayiya
सचिन के बारे में त नवका लोग ही बता पाई....लेकिन इ खेला त महान बटलेहीं बा..

अंग्रेज लोगन के दीहल खेल त वैसे ही हमरा देश में पूजल जाई...काहे कि अबो सब गोर चमड़ी के पीछे दौड़े वाला लोगन के भरमार बा..
इ खेल एतना महँ बा कि...हमरे लोगन के भी अंग्रेज बना दिहलस..
कहीं अगर मौका मिले त रेस कोर्स आ क्रिक्केट के बॉक्स में बैठीं ...आ देखि कि वोहिजा केहू भारतीय भी बा का ?
अंग्रेजी में बोल चाल, विदेशी कपडा, स्कोच आ बीयर , एक दम अडवांस होखे के सब चीज रहेला...एमें का गवई आदमी बतायी कि के महानतम ह आ के ना..
कुछ साल पहिले...एगो रबर के छोट बाल के लेके पार्टी पर पुरे गाँव के लईका दौड़ें ...आ एगो डंडा लेके गुल्ली बना के कई लोग दौड़ात रहे..तनी बड़ भईला पर..फूट बाल आवे आ सांझी के पुरे गावें वोहिजा बैठल रहे...जे खेले वू खेले आ बाकी लोग कैसे खेले के चाहीं वोही पर चिल्ला ...
अन पुरे भारत पर अंग्रेजियत छ गईल..आ सब क्रिकेट वाला हो गईल...एक जाने बाल फेकत बाड़े आ एक जाने बैट लेके थोडा दौड़त बाड़े , आ बाकी के लोग हल्ला करत बा...वाह क्या खेल है..??
लेकिन जौन बोल लोग....खेला त येहिमें बा....सब कुछ पेज ३ वाला......पैसा, ग्लैमर , फैसन, सुन्दरता ....आ वोहू से बढ़ के .......पवार, मोदी, लालू, डालमिया , मलाया, सुनंदा, प्रीटी जिंटा, शिल्पा सेट्टी ...अरे सभे त बा...आ नोट के ढेर....जुवा खेले के आ कमाए के अईसन प्लेटफार्म औरो कहाँ मिली ..
घोड़ा पाले के त अंग्रेज लोग सिखा गईल....आ रेस कोर्स में घोड़ा दौअत बा..जीतला पर १ का १० तक होला....
ईहो वैसने बा...घोड़ा के बदले , आदमी के टीम बा.....परेड त वईसने होखत बा...

जय हो......जय हो...
jai bhojpuri

Aap sab ke jharkhand ke ke udayman criket khedadi सौरभ तिवारी se पीएम तिवारी बीबीसी ke kal gal bat chit ke ansh
post kar rahal bani ummed baa rauwar sabke neeman lagi



सचिन मेरे आदर्श हैं: सौरभ तिवारी

सौरभ तिवारी पिछले तीन साल से मुंबई इंडियंस के लिए खेलते हैं

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल-3) में जो नई प्रतिभाएँ उभर कर आई हैं, उनमें से एक हैं बाएँ हाथ के बल्लेबाज़ और झारखंड टीम के कप्तान सौरभ तिवारी. मुंबई इंडियंस की ओर से खेलते हुए विस्फोटक बल्लेबाजी कर चुके सौरभ बचपन से ही सचिन को अपना आदर्श मानते हैं.

दिलचस्प बात है कि जब सचिन बल्ला लेकर अपना पहला टैस्ट खेलने मैदान में उतरे थे तब सौरभ (जो आज 20 वर्ष के हैं) का जन्म नहीं हुआ था.

अब उनकी अगुवाई में खेलते हुए सौरभ ने अपने इस आदर्श से बहुत कुछ सीखा है. सौरभ कहते हैं कि टी-20 में ऊँचे-ऊँचे शाट्स खेलना ज़रूरी है. सौरभ ने ईडन गार्डेन्स में कुछ सवालों के जवाब दिए. पेश हैं बातचीत के मुख्य अंश:

आपने क्रिकेट को क्यों चुना? क्या महेंद्र सिंह धोनी का कुछ असर था?

मुझे बचपन से ही क्रिकेट खेलने का शौक था. मेरे माता-पिता ने भी हमेशा उत्साह बढ़ाया. मैं धोनी के खेलने की शैली तो पसंद करता था पर उनसे कभी ख़ास मुलाकात नहीं हुई. वे अंतरराष्ट्रीय मैचों में व्यस्त रहते हैं.

लेकिन आपके बालों का स्टाइल तो वैसा ही है जैसा पहले धोनी का था?

यह उनकी नकल नहीं है. मैं किशोरावस्था से ही लंबे बाल रखता हूँ.

आप पर सबसे ज्यादा किसका असर रहा है?

सचिन तेंदुलकर का. वे मेरे सबसे पसंदीदा खिलाड़ी, बल्कि आदर्श हैं. मैं उनको खेलते देखते हुए ही बड़ा हुआ हूँ.

अब सचिन के साथ एक टीम में खेलना कैसा लगता है ?

इस अनुभव को शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता. मैं तीन साल से मुंबई इंडियंस में हूँ. लेकिन उनके जैसा विनम्र व्यक्ति और जूनियर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने वाला दूसरा कोई खिलाड़ी मैंने नहीं देखा. सचिन नए खिलाड़ियों से इतनी जल्दी घुल-मिल जाते हैं कि पता ही नहीं चलता कि वे इतने महान खिलाड़ी हैं. मैंने तो कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि एक दिन सचिन के साथ खेलूंगा.

आपकी छवि एक बिग हिटर की है. आपको कैसा लगता है?

टी-20 में तो वही कामयाब कहलाता है जो कम समय में अधिक से अधिक रन बटोर सके. इस तरह से मैं कुछ हद तक सफल रहा हूँ. यह खेल के इस स्वरूप की मांग है. अपनी पहचान बनाने के लिए इसमें लंबे-लंबे शाट्स खेलने पड़ते हैं. टी-20 ने मेरी बल्लेबाज़ी को और निखारा है.

आपके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि क्या है?

वर्ष 2009-10 के रणजी ट्रॉफी सीज़न में 593 रन बटोरना मेरी अब तक की सबसे अहम उपलब्धि है.

भारतीय टीम में शामिल होने के बारे में क्या सोचते हैं?

देखिए, मैं सिर्फ़ प्रदर्शन कर सकता हूँ. बाक़ी कुछ भी मेरे हाथ में नहीं है. हाँ, पहले के मुकाबले मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है और मानसिक तौर पर भी मैं मज़बूत हुआ हूँ पर मेरा भरोसा प्रदर्शन में है. लगातार बेहतर प्रदर्शन करता रहा तो कामयाबी ज़रूर मिलेगी.

क्रिकेट के अलावा कोई और शौक?

खेलों में मेरी दिलचस्पी सिर्फ़ क्रिकेट में है. हाँ, हिंदी फ़िल्मों का शौकीन हूँ. शाहरुख़ ख़ान और कैटरीना की फिल्में मुझे बेहद पसंद हैं.

jai bhojpuri
jee bilkul ismain koi sak nahi hai Dost ..........
Ham ta chachin tendulkar ke bahut bada kheladi manila
sachin tendulkar 100% mahantam khiladi hai, isme koi do raay nahi honi chahiye...sabse badi baat ye hai ki wo ek achche insaan hai, Ishiliye sabse jyada lokpriye hai.Apne jo kaha ki unko jitna mauka kisi aur ko milta to wo v aisa record bana paate.Sachin ki lokpriyata sirf record k wajah se to nahi hai..aur aise v sachin ko mauka without perform kiye to nahi mila hai.Sachin apne area me sabse achha perform kiye hai.... unhe "Bharat Ratna" milna chahiye
शशि भाई
कुछ तो लोग कहेंगे लोगों का काम हे कहना

अब केहू के मुह त ना नु रोक सकेला आदमी
जहाँ तक सचिन जी के बात बा त सूरज के दिया देखावेवला बात बा

इ महान खिलाडी बद्दले बाड़े कौनो शक

धन्यवाद
जय हो

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